रायपुर 31 जुलाई 2022. डीएमएफ फंड में गड़बड़ी के बाद दो आईएएस राज्य सरकार के राडार में है। एक अफसर है यशवंत कुमार जिन्होंने कृषि संचालक रहते करीब 200 करोड़ रुपये से कृषि यंत्र ख़रीदा। वही दूसरे है जीतेन्द्र शुक्ला जिन्होंने ट्रांसफर के बाद भी अंतिम दिनों में करीब 30 करोड रुपये के भुगतान की मंजूर दिया था। जीतेन्द्र शुक्ला जांजगीर कलेक्टर रहने के दौरान डीएमएफ फंड से आत्मानंद स्कूल के फर्नीचर सहित अन्य खरीदी को मंजूरी दी। तबादले आदेश होने के बाद भी आनन फानन में सप्लायर को करीब 9 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
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इस मामले की गूंज विधानसभा में थी। अकलतरा विधायक सौरभ सिंह ने इस मामले को उठाया जिस पर मुख्यमंत्री को बयान देना पड़ा था। वही यशवंत कुमार ने संचालक कृषि रहते डीएमएफ फंड से निम्नस्तर का कृषि उपकरण ख़रीदा, प्रदेश भर में बिना रेट कांट्रेक्ट के करीब 200 करोड़ रुपये से खरीदी हुई। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंची थी जिसके बाद यशवंत कुमार को हटा दिया गया है। दोनों ही अफसर सरकार की राडार में है विश्वस्त सूत्रों के अनुसार दोनों की जाँच करा सकती है। जीतेन्द्र शुक्ला वर्तमान बेमेतरा कलेक्टर है। यशवंत कुमार वही अफसर है जिन्होंने बेमेतरा जिले में अपने परिजनों के नाम करोडो का जमीन ख़रीदा है।
