रायपुर 07 अक्टूबर 2022. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा साल 2020 में की गई कुलसचिव, उपकुलसचिव और सहायक कुलसचिव की भर्ती में बड़ी चूक सामने आई है। आयोग ने निर्धारित योग्यता को पूर्ण नहीं करने वाले अभ्यर्थी का चयन कुलसचिव पद पर किया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा कुलसचिव के 3 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया की गई थी, जिसमे बड़ी चूक सामने आई है। दस्तावेजों के अनुसार आयोग ने तीन पदों के विरूद्ध में दो पदों पर नरेंद्र वर्मा और शैलेन्द्र पटेल का चयन किया है। जिसमे शैलेन्द्र पटेल आयोग द्वारा मांगी गई न्यूनतम योग्यता को पूरा नहीं करते है।
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साल 2020 में आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में कुलसचिव पद के लिए निर्धारित अहर्ता में “असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के रूप में एजीपी 7000 में 15 वर्षो का अध्यापन अनुभव अथवा अकादमिक ग्रेड पे 8000 या उससे अधिक 8 वर्ष का अनुभव या 15 वर्षो का प्रशासनिक अनुभव जिसमे 8 वर्ष उपकुलसचिव पद के रूप कार्यानुभव होना आवश्यक था।” इन योग्यताओ को पूरा करने वाले अभ्यर्थी का चयन किया जाना था, पर इसके विपरीत प्रक्रिया अपनाई गई है। आयोग द्वारा जारी रिजल्ट में नरेंद्र वर्मा और शैलेन्द्र पटेल का चयन हुआ है, पर दोनों के नियुक्ति आदेश अभी जारी नहीं हुआ है।
शैलेन्द्र पटेल का चयन मार्च 2016 में उपकुलसचिव पद पर हुआ था, उसे पहली पोस्टिंग बस्तर के शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में दी गई। पटेल की शासकीय सेवा में पहली पोस्टिंग थी। ऐसे में उसके चयन को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सवालों में है। स्वतंत्र बोल ने इस संबंध में जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को फ़ोन,मेसेज किया पर उनका कोई जवाब नहीं आया।
