रायपुर 13 सितम्बर 2022: विधायक शैलेष पांडेय ने नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया से मुलाकात कर सीवरेज परियोजना को लेकर चर्चा की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. विधायक शैलेष की शिकायत पर नाराज मंत्री ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.
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नगर विधायक शैलेष पांडेय ने बताया कि नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा सन 2008 में सीवरेज परियोजना की शुरुआत की गई थी. राज्य शासन द्वारा स्वीकृति के बाद काम प्रारंभ किया गया था. मूल में यह परियोजना लगभग 211 करोड रुपए की थी, जो वर्तमान में 423 करोड रुपए की हो गई है. इस परियोजना में प्रारंभ से ही भ्रष्टाचार किया जा रहा है. इसके ड्राइंग डिजाइन में भी ढेरों कमियां है.
विधायक ने बताया, पूरे शहर में मात्र 6 इंच की पाइपलाइन बिछा दी गई है, जिससे पानी का फ्लो संभव नहीं है एवं पूर्व में लगभग 60 प्रतिशत कार्य होने तक पाइपलाइन की फीलिंग मिट्टी द्वारा की जा रही थी. इससे सड़क लगातार धंस रही थी. इसके बाद रेत से फीलिंग की जाने लगी, लेकिन अमानक स्तर की रेत और मिट्टी मिली रेस फीलिंग की गई, जिससे सड़कों का धंसना लगातार जारी है.
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वर्तमान में इस वर्ष ज्यादा बारिश होने की वजह से कई जगहों की सड़कें धंस चुकी है. बिलासपुर की सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसका मूल कारण सीवरेज परियोजना ही है. विधायक शैलेष पांडेय ने बताया, यह योजना पूर्व मंत्री द्वारा लाई गई थी और इसमें जमकर भ्रष्टाचार किया गया. वर्तमान में इसकी ठेका कंपनी सिंपलेक्स और इसकी सुपर विजन कंपनी पहले मेन हार्ट सिंगापुर थी, जो काम बीच में छोड़कर भाग गई थी. उसके बाद दूसरी कंपनी को सुपरविजन का कार्य दिया गया है. इस कंपनी का भी कोई इंजीनियर नजर नहीं आते हैं, जिसकी वजह से इस परियोजना के पूर्ण होने में कोई संभावना नहीं है
