कब्रिस्तान जमीन विवाद: बिना चुनाव बन गए पदाधिकारी और बेच दिया कब्रिस्तान की जमीं, संस्था के पदाधिकारियों संस्था को पहुंचाया नुकसान!

“स्वतंत्र बोल”
रायपुर/बिलासपुर 07 जून 2023.  न्यायधानी में चर्च ऑफ़ खाईस्ट मिशन इन इंडिया की जमीन को योजनाबद्ध तरीके से बेचा गया। संस्था के सदस्यों ने ही निजी हितो के लिए कब्रिस्तान की भूमि को बेच दिया, जहां ईसाई समाज के पूर्वजो की कब्र है। चर्च ऑफ़ खाईस्ट मिशन इन इंडिया में साल 2009 से अब तक निर्वाचन नहीं हुआ, ऐसे में बिरिम साय टोप्पो अध्यक्ष, बीरन साय सचिव और हेमिल्टन थामस कोषाध्यक्ष स्वयं भू बन गए और करोडो रुपये कीमत के कब्रिस्तान की भूमि को आधे से भी कम दाम में भू-माफिया को बेच दिया। जिस जमीन को बेचा गया वह कब्रिस्तान की ही भूमि है।
शिकायत करने पहुंचे कोषाध्यक्ष हेमिल्टन थामस और शंकर केरकेट्टा

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स्वतंत्र बोल के पास मौजूद दस्तावेजों के अनुसार साल 2013 में संस्था के सचिव की हैसियत से बीरन साय ने सिविल कोर्ट में सिविल सूट क्रमांक 22अ/2013 फाइल किया था, जिसमे उसने खसरा क्रमांक 291/1, 292/2, 297/1 की भूमि को कब्रिस्तान की भूमि बताया गया। उक्त कोर्ट का फैसला 09 अगस्त 2021 को आया।

सुनियोजित तरीके से की गई बिक्री-
चर्च ऑफ़ खाईस्ट मिशन इन इंडिया की भूमि पूर्व में मिट्टी तेल वाली गली थी, कुछ वर्ष पहले ही स्मार्ट सिटी ने स्मार्ट रोड बनाया। जिसके बाद से भू माफियाओ की नजर उस कब्रिस्तान की भूमि पर पड़ गई, जहाँ ईसाई धर्मावलम्बियों के पूर्वजो की कब्र है।

पीएफ की राशि जमा करने के बहाने संस्था के स्वयं भू पदाधिकारियों ने जमीन को बेच दिया, जिस पर ढेरो गड़बड़ियां है। संस्था की जमीन को बेचने पंजीयक फर्म एवं सोसायटी से अनुमति लेना आवश्यक था पर विक्रेताओं ने जमीन बेचने के बाद कार्योत्तर अनुमति ली। जिससे संस्था को दोगुनी शुल्क जमा करना पड़ा, इसमें पंजीयक फर्म एवं सोसायटी के एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। जमीन के लिए पटवारी द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में छोटे पेड़-पौधे और झुरमुट बताया गया, जिसे बिक्रीनामा में छिपाया गया। उक्त जमीन का प्रकरण एसडीएम कोर्ट बिलासपुर में लंबित होने के बाद भी तथ्यों को छिपाकर बेचा गया, जिसके लिए विक्रेता बिरनसाय और संस्था के स्वयं भू पदाधिकारी हेमिल्टन थामस और बिरिम साय भी जिम्मेदार है।

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संस्था से पूर्व परिचित केरकेट्टा-
उक्त जमीन मोहित राम केरकेट्टा और उनके बेटे शंकर केरकेट्टा ने खरीदा। रजिस्ट्री के दौरान दोनों ने चेक से 50-50 लाख रुपये का भुगतान किया। चर्च ऑफ़ खाईस्ट मिशन इन इंडिया से विधायक पुत्र शंकर केरकेट्टा लंबे समय से जुड़ा हुआ है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार उसने साल 2021-22 में संस्था को 9 लाख रुपये दान किया था, और उसी वर्ष दिसंबर में जमीन की रजिस्ट्री हुई। कब्रिस्तान की जमीन को फर्जीवाड़े करखरीदी बिक्री से ईसाई समाज में उद्वेलित है तो सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक होने से जिला प्रशासन दबाव में है, इससे शासन की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। हालाँकि शिकायत के बाद कलेक्टर सौरभ कुमार ने जाँच कर रिपोर्ट माँगा है जो 15 दिनों बाद भी अधूरा है।

 

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