पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा लगाने में विवाद: बीजेपी कांग्रेस कार्यकर्त्ता भिड़े, जमकर चले लात घूंसे, पत्थरबाजी में आईपीएस घायल

रायपुर 25 दिसंबर 2022,  भिलाई स्थित कैंप क्षेत्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति लगाने को लेकर जमकर विवाद हो गया है। कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों के बीच आपस में भिड़ गए। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई है। इसी वजह से यहां भारी संख्या में पुलिस बल को यहां तैनात किया गया था। इस बीच मौके पर किसी ने पथराव कर दिया जो IPS सीएसपी प्रभात कुमार को लगा है।

कांग्रेसी पार्षद मन्नान खान का कहना है कि यह क्षेत्र उनका है। कांग्रेस विधायक के मद से गार्डन का विकास हुआ है। वो लोग यहां ओपन जिम बनाना चाहते थे, लेकिन भाजपा सांसद विजय बघेल औऱ जिलाध्यक्ष बृजेश बिचपुरिया ने यहां अपने समर्थकों के साथ यहां अटल जयंती का कार्यक्रम रख लिया। इसके बाद वो लोग यहां अटल विहारी वाजपेयी की मूर्ति बैठा कर राजनीति कर रहे हैं।स्थिति नियंत्रित करने के लिए यहां भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। छावनी सीएसपी प्रभात कुमार, भिलाई नगर सीएसपी निखिल रखेचा और क्राइम सीएसपी नसर सिद्दकी भी मौके पर तैनात किया गया था। मोहल्ले के लोगों को अपने घरों से बाहर ना निकलने की अपील की गई थी।

दरअसल देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती है, जिसे लेकर भाजपा अलग-अलग स्थानों में कार्यक्रम कर रही है। इसी कड़ी में इस क्षेत्र में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बीजेपी ने पहले ही इस गार्डन को अटल जी के नाम से कर दिया है। उनका कहना है कि ये जमीन तो बीएसपी की है। ऐसे में नामकरण करने से कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। साथ ही रविवार को नेता अटल जी की मूर्ति स्थापित करने पहुंचे थे। मगर इसी दौरान यहां विवाद हो गया।बताया गया कि कार्यक्रम यहां शुरू हो गया था। इस बीच कांग्रेस के पार्षद मन्नान खान अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। पहले तो दोनों दलों के कार्यकर्ताओं बीच बातचीत हुई। लेकिन कुछ देर में विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और मारपीट करने लगे।

पुलिस मौके पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने में लगी थी। बाद में किसी तरह से दोनों पक्षों को शांत कराया गया है और गार्डन में ही अस्थाई रूप से मूर्ति को स्थापित कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि पहले इस मामले में कलेक्टर से अनुमति ली जाए। इसके बाद मूर्ति को स्थाई रूप से स्थापित किया जाएगा। इसके लिए मौके पर कुछ जवानों को भी तैनात कर दिया गया है। वहीं काफी बवाल के बाद मामला शांत हो गया है।

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