छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार में वापसी, आरएसएस नेताओ का दावा

राहुल गोस्वामी @स्वतंत्र बोल
रायपुर, 15 नवंबर 2023. प्रदेश में दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव का प्रचार आज थम गया, एक दिन बाद यानी शुक्रवार को वोटिंग होगी। प्रत्याशियों ने दिन रात एक कर जनसंपर्क किया और एक-एक मतदाता तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ा। प्रचार के अंतिम दिन भी राष्ट्रीय नेताओ ने सघन दौरा कर अपने पक्ष में मतदान कर वोट की अपील की। इन सबसे परे बीजेपी की अपनी तैयारी है, पार्टी के उच्चपदस्थ और विश्वस्त सूत्रों के अनुसार बीजेपी की सरकार में वापसी हो रही है, पार्टी के नेता बड़े आत्मविश्वाश के साथ सरकार में आने का दावा कर रहे है। इस दावों की हकीकत तो 3 दिसंबर को मालूम होगा पर माहौल देख बीजेपी के नेता गदगद है।

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बीजेपी और आरएसएस के नेताओ ने इस पूरे चुनाव में एक अलग रणनीति के तहत योजनाबद्ध तरीके से काम किया है। पार्टी का फोकस कमजोर सीटों की बजाये जीतने वाली 55 सीटों पर ज्यादा रहा है, ताकि आसानी से सरकार बनाई जा सके। बीजेपी के अतिरिक्त आरएसएस के कार्यकर्ताओ ने गाँवों के अंदरूनी इलाको में जाकर अपना काम किया है, जिसका परिणाम ही है कि मजबूत माने जाने वाले मंत्रियो को सरकार में होने के बाद भी खूब पसीना बहाना पड़ रहा है। छह महीने पहले तक एकपक्षीय दिखते चुनाव की स्थिति तेजी से बदली है। बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल शुरुआती प्रमुख 4 वादों का ;महिलाओ और किसानो में व्यापक असर हुआ है, जिसका परिणाम है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में महिलाओ के लिए गृहलक्ष्मी योजना का ऐलान करना पड़ा।
इससे परे कांग्रेस ने सरकार में वापसी के लिए कर्ज माफी से लेकर स्कूली और तकनीकी पढाई सब कुछ फ्री और दाह संस्कार के लिए लकड़ी तक मुफ्त में देने का वादा किया है। दरअसल कांग्रेस किसी भी स्थिति में इस मौके को नहीं छोड़ना चाहते है, ऐसे में मतदाताओं को रिझाने दिल खोलकर वादे किये है।

 

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