वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट..! यात्रियों को मिलेगी ये सविधाएं, बहुत जल्द पटरियों पर दौड़ेगी ट्रेन
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नई दिल्ली:आज देश के कई रूटों पर वंदे भारत चल रही है। लेकिन अभी जो वंदे भारत चलाई जा रही हैं उनमें स्लीपर की सुविधा नहीं है। लेकिन अब यात्रियों के लिए बहुत जल्द वंदे भारत में स्पीलर की सुविधा मिलने वाली है। भारतीय रेलवे की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन साल के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। 2019 में शुरू की गई चेयर-कार ट्रेन के बाद यह वंदे भारत श्रृंखला का तीसरा संस्करण होगा। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली ट्रेन गुजरात में संचालित होने की उम्मीद है। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह अभी स्पष्ट नहीं है।
वंदे भारत स्लीपर में मिलेंगी ये सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के साथ भारतीय रेलवे रात की यात्रा पर अपने यात्रियों को यूरोप के नाइटजेट स्लीपर ट्रेनों के समान विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करने की योजना बना रहा है। एक सूत्र ने बताया कि रात में जब लाइट्स बंद होंगी तब यात्रियों के वॉशरूम जाने के लिए सीढ़ी के नीचे एलईडी स्ट्रिप्स होंगी। इसके अलावा ट्रेन परिचारकों के लिए अलग से बर्थ भी होंगे। 16-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 823 बर्थ होंगी, जिनमें 11 3AC कोच (611 बर्थ), 4 2AC कोच (188 बर्थ), और 1 1AC कोच (24 बर्थ) शामिल होंगे। इस ट्रेन का विकास BEML और हैदराबाद स्थित मेधा सर्वो ड्राइव्स लिमिटेड ने किया है, जिसमें पोलैंड स्थित यूरोपीय रेल कंसल्टेंट, EC इंजीनियरिंग के डिजाइन इनपुट्स भी शामिल हैं।
दो महीने में किया जाएगा ट्रायल
इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई के महाप्रबंधक यू सुब्बा राव ने एक मीडिया संस्थान को बताया कि वंदे भारत की पहली स्लीपर ट्रेन 20 सितंबर तक बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के प्लांट से रवाना होने की उम्मीद है। इसके बाद इसका ट्रायल रन किया जाएगा। इसका ट्रायल एक या दो महीने तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड ट्रेन का ट्रायल उत्तर पश्चिम रेलवे ज़ोन पर किए जाने की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक, इस ट्रेन में हर बर्थ पर रीडिंग लाइट, चार्जिंग सॉकेट, मोबाइल होल्डर और स्नैक टेबल जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। अनुभव से सीख लेकर रेलवे ने इस बार वंदे भारत स्लीपर को ज्यादा बेहतर बनाया गया है। इसमें बाहर का साउंड कम आएगा। साथ ही जानवरों से टकराने की स्थिति में उतना नुकसान नहीं होगा। इसमें दुर्घटना रोकने वाला कवच सिस्टम भी लगा होगा। इसकी पेंट्री आधुनिक होगी। साथ ही आग से बचाने के बेहतर इंतजाम भी होंगे। दिव्यांगों के लिए यह ट्रेन सुविधाजनक होगी। साथ ही पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और लगेज रूम भी इसमें दिया जाएगा।एनसीआरटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सुनहरा अवसर, बेहद नजदीक है अंतिम तारीख, फटाफट करें अप्लाई
