नई दिल्ली 27 सितम्बर 2022: देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने पर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ मंगलवार सुबह से एक बार बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट पर एटीएस और क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर स्थानीय पुलिस नौ राज्यों में करीब 200 पीएफआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के साथ 80 से ज्यादा गिरफ्तारी की गई है।
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समाज में द्वेष फैलाने, गैर कानूनी कृत्यों में शामिल होने और देश विरोधी कार्यों में संलिप्त होने की वजह से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, असम, कर्नाटक, दिल्ली, केरल, पंजाब औऱ महाराष्ट्र में कार्रवाई की जा रही है माना जा रहा है कि हिंसक प्रदर्शनों की योजना से जुड़े इनपुट मिलने के बाद छापे मारे गए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, एक खुफिया नोट से पता चला है कि पीएफआई सरकारी एजेंसियों, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक के नेताओं और संगठन को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। पीएफआई कार्यकर्ता नई दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में अपने वरिष्ठ नेताओं को रखे जाने के बाद नाराज हैं।
बताया जा रहा है कि नोट में कहा गया है कि पीएफआई ने सरकार के खिलाफ हिंसक जवाबी कार्रवाई का फैसला किया है खबर है कि पीएफआई ने ‘बयाथीस’ का रास्ता चुना है यह अरबी शब्द है। जिसका मतलब ‘मौत का सौदागर’ या ‘फिदायीन’ होता है, जो अपने आमिर के लिए मरने या मारने की कसम खाते हैं।
पीएफआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बाद स्थानीय तहसीलदार के सामने पेश किया जाएगा और न्यायिक हिरासत की मांग की जाएगी कहा जा रहा है कि गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए इन पीएफआई नेताओं ने या तो एनआईए को रोकने की कोशिश की और पहले विरोध प्रदर्शन किए थे या स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ाया था।
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