महादेव सट्टा की कहानी: साल 2019 में चार युवको ने शुरू किया, सट्टा चलाने की ट्रेनिंग ली.. पुलिस से बचने सपरिवार पहुंचे दुबई और वही से देश भर में चलाने लगे ऑनलाइन सट्टा।

रायपुर 10 अक्टूबर 2022:  प्रदेश भर में चल रहा ऑनलाइन सट्टा पर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाही की है। पुलिस ने राजधानी में अब तक 74 से अधिक सट्टा खेलने और खिलाने वालो को पकड़ा है। पुलिस ने सूचना पर छापेमारी कर शनिवार रात दो बुकियों दिनेश और कार्तिक को अवंति विहार से गिरफ्तार किया।

पुलिस की ऑनलाइन सट्टा पर बड़ी कार्यवाही: छिंदवाड़ा में छापेमारी कर 9 सटोरिया पकडे, दर्जनों चेक बुक, एटीम कार्ड, पासबुक समेत नगदी बरामद.. बैंक में जमा 5 लाख रुपये किया फ्रीज

रायपुर पुलिस ने महादेव सट्टा के बारे में स्पष्ट किया की भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर, रवि उत्पल, कपिल चेलानी और धर्मजयगढ़ के अतुल अग्रवाल चारों मिलकर इसे ऑपरेट कर रहे हैं, परिवार के साथ दुबई शिफ्ट हो गए हैं। जहाँ से ये पुरे देश भर में ऑनलाइन सट्टा चला रहे है। जानकारी के मुताबिक एक सप्ताह में करीब 100 करोड़ रुपये का व्यवसाय होता है। देशभर में फैले नेटवर्क में का मुख्य सर्वर उन्होंने दुबई में रखा है। एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी ने बताया कि
भिलाई का कपड़ा कारोबारी कपिल चेलानी दुबई से आईडी चला रहा है, उसने वैशाली नगर के वी. कार्तिक उर्फ साेनू को आईडी चलाने दी थी। कार्तिक बी. दिनेश के साथ मिलकर आईडी चला रहा है, उसने आंध्रप्रदेश में किराए का एक मकान भी लिया है। गेमिंग के लिए 25-25 कर्मचारी सैलरी में रखे हैं। पुलिस ने वहां छापा मारकर अंकित चौबे, वी. वेंकटेश, एमके मौली, एम वेंकटेश आंध्रा, कुशाल अप्पा कर्नाटका, आयुष भारती, रितिक गिरी, के राजू, अमन सिंह चौधरी, ए राजू वैशाली को गिरफ्तार किया है।आरोपियों से 8 लैपटॉप, 23 मोबाइल और 200 से ज्यादा बैंक खातों की जानकारी मिली है।”
ऐसे बना रैकेट..
पुलिस के अनुसार साल 2019 में भिलाई से महादेव बुक शुरू हुआ। सौरभ, रवि और अतुल तीनों ने हैदराबाद में रेड्डी अन्ना बुकी से ट्रेनिंग ली। तीन लाख में महादेव एप बनवाया। आरोपियों ने इसमें 10 करोड़ निवेश कराया और दुबई चले गए। फिर वही बैठकर प्रदेश में आईडी बेचने लगे। तीन साल में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा से करोड़ों रुपए कमा चुके हैं। लोगो को जोड़ने महादेव बुक के नाम से नंबर जारी किया,जिसमे आईडी लिखकर भेजने पर लिंक भेजा जाता है। 100 रुपए जमा करने पर आईडी और पासवर्ड मिलती है। उसमें अलग-अलग विकल्प होता है। आईडी में दांव लगा सकते हैं या ले भी सकते हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी महादेव बुक वाले लगातार छत्तीसगढ़ में आईडी बेच रहे हैं।
नेटवर्क में सबको अलग अलग काम-
इस पुरे ऑनलाइन सट्टा खेल जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार सबका काम बंटा हुआ है। सौरभ चंद्राकर महादेव बुक के पैसों का लेन-देन और लाइजनिंग संभालता है। रवि उत्पल, डिजिटल प्लेटफार्म, आईडी-पासवर्ड सिस्टम की देखरेख करता है। अतुल अग्रवाल, पार्टनर है जो विदेशों में काम बढ़ाने के साथ ही विदेशी ग्राहक लाता है। कपिल चेलानी, छग में आईडी को ऑपरेट करता है और खुद भी आईडी चलाता है।सतीश कुमार, राज्य की लाइजनिंग व अधिकारी-कर्मचारी का मैनेजमेंट देखता है। राजकुमार- बैंकों में खाता खुलवाने के साथ ही आईडी चलाने की ट्रेनिंग देता है।
इंदौर में महिला डॉक्टर से ठगी का वांटेड है कपिल
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपित कपिल चेलानी और कमल दोनों भाई हैं, उनका भिलाई में कपडे का कारोबार है। दोनों भाई के खिलाफ इंदौर में ठगी का केस पहले से दर्ज है। महिला डॉक्टर से ठगी का पैसा दोनों भाई के खाते में जमा हुआ था, तब से पुलिस उनकी तलाश कर रही है। कपिल पर 5000 रुपए का इनाम भी है, वह 2020 में दुर्ग से भाग गया था। तब से दुबई में शिफ्ट है। उसने महादेव बुक में मोटी रकम निवेश की है।

 

प्रतिनियुक्ति का खेल: शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी, उधर अफसरी कर रहे असिस्टेंट प्रोफ़ेसर.. ओहदेदार पदों पर वर्षो से जमे

error: Content is protected !!