भोपाल 3 नवंबर 2022: महिला बाल विकास के ACS के बयान से एमपी में बवाल मच गया है। उमा भारती ने ACS के बयान पर नाराजगी जताते हुए अधिकारी के बयान पर तीखा हमला किया। उमा भारती ने एक के बार कुल सात ट्वीट कर निशाना साधते हुए कहा कि- मध्यप्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना (Ladli Laxmi Yojana) 2.0 के क्रियान्वयन शुरू होने का स्वागत। मध्यप्रदेश सरकार के इस कार्यक्रम में भाषण देते हुए प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी का बेहद असंगत एवं हास्यास्पद कथन देखा।
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1. मध्यप्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 के क्रियान्वयन शुरू होने का स्वागत्। @OfficeofSSC
2. मध्य प्रदेश सरकार के इस कार्यक्रम में भाषण देते हुए प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी का बेहद असंगत एवं हास्यास्पद कथन देखा। @OfficeofSSC pic.twitter.com/88NBxjHNsy
— Uma Bharti (मोदी का परिवार) (@umasribharti) November 3, 2022
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि “हमारी योजना के कारण अब 42% महिलाएँ अपनी बेटियों को दूध पिलाती हैं। जबकि 2005 से पहले वह 15% था। अगर यह कथन सही है तो यह बेटी विरोधी, माता विरोधी एवं मध्यप्रदेश की मातृशक्ति की छवि खराब करने वाला है, अधिकारियों को अपने बयान के प्रति सचेत एवं जिम्मेवार रहना चाहिए।
उमा भारती ने लिखा कि-
हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री जी महिलाओं के सम्मान के लिए बहुत सजग एवं संवेदनशील हैं, जब मैंने आज फोन पर बात करके उनको यह बात बताई तो वह इस कथन से असहमत एवं आश्चर्यचकित थे। मुख्यमंत्री जी की बात से लगा कि समारोह में बहुत शोर के कारण वह इस बात को सुन नहीं पाए। मुझे लगता है कि वह इस कथन को ठीक करने का रास्ता स्वयं निकाल लेंगे। अमीर हो या ग़रीब, बेटा हो या बेटी, बच्चे के जन्मते ही हर माँ अपने बच्चे को दूध पिलाती ही है, लाखों में एक केस में कई कारणों से ऐसा नहीं होता होगा। आखिर सारी महिलाएँ बेटियाँ ही हैं वो ज़िंदा कैसे रह गईं।
4. मुख्यमंत्री जी की बात से लगा कि समारोह में बहुत शोर के कारण वह इस बात को सुन नहीं पाए। मुझे लगता है कि वह इस कथन को ठीक करने का रास्ता स्वयं निकाल लेंगे। @OfficeofSSC
— Uma Bharti (मोदी का परिवार) (@umasribharti) November 3, 2022
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल शिवराज सरकार ने लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 शुरू किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे महिला बाल विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक शाह भी शामिल हुए थे। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में 2005 में सिर्फ़ 15 प्रतिशत महिलाएं ही दूध पिलाती थी। हमारी योजना के कारण अब 42% महिलाएँ अपने बच्चों को को दूध पिलाती है।
