*कस्तूरबा विद्यालय, दुल्लापुर में छेरछेरा पर्व कोरोना जागरूकता के रूप में मनाया गया।*

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में अन्नदान के महापर्व *छेरछेरा त्यौहार को बच्चों द्वारा ग्राम में भ्रमण कर कोरोना जागरूकता,मास्क सेनेटाइजर के उपयोग के बारे में बताया एवम छेरछेरा मांगा गया ग्राम दुल्लापुर के सरपंच श्रीमती रूखमणी साहू ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया एवम दान के रूप में धान एवम 501 रुपये की शरुवात की गई जनभागीदारी समिति के श्री अध्य्क्ष संतोष साकत एवम ईश्वर जांगड़े द्वारा भी छेरछेरा दान के रूप में 101 रुपये देकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया अधीक्षिका कामिनी जोशी ने छेरछेरा पर्व को आनंद पर्व के रूप में इसकी महत्ता बतायी अधीक्षिका के मार्गदर्शन एवम रानू गंधर्व,नंदनी ,सरस्वती चेलक के सहयोग से यह कार्यक्रम सम्पूर्ण हुआ एवम छेरछेरा दान में प्राप्त पैसा एवम अन्न को जरूरतमंद को दान किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में *छेरछेरा पर्व* *पौष मास* के *पूर्णिमा* में मनाया जाता है। यह छेरछेरा खेत के धान को खलिहान से घर लाने की खुशी में मनाया जाता है, यह *अन्नदान* भी कहलाता है। इसमें लोग *घर-घर जाकर बोरी, टोकनी में अन्न दान* उस घर के लोगों से मांगते हैं और कहते हैं *”छेरछेरा के तर्ज पर कामिनी जोशी द्वारा स्वरचित गीत *कोरोना रे कोरोना ते चीनी कोरोना सावधानी से रहु त नही पड़े हमला अतेक रोना ,*

*छेरी के छेरा छेर मरकनिन छेरछेरा
कोरोना के जतन करके एखर डर ल हेर हेरा,।
बाबू रे भाई रे मत जा तै कोनो बाजार मेला……..
मान ले हमर बात ल निकलो सब बेरा बेरा ……
छेरीक छेरा छेर मरकनिन छेर छेरा*
यह शब्द गाँव में गूंजते रहा और बेनर पोस्टर से बच्चों ने त्योहार के साथ साथ जागरूकता का संदेश दिया।

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